Sunday, 28 January 2018

मिथिला मेँ जकडल समस्या समाधानक विन्दू


मिथिला में जकडल समस्या समाधान मिथिला आ मैथिली में जकडल समस्याक सभ केँ सुधार करबाक हेतू ऐतह किछु विन्दु सभ परोस रहल छि –
१.सभ सँ पहिने ‘मैथिल’ शब्द आ ‘पाग’ के जबरजस्ती लधबाक प्रवृति केँ हटाएल जाए या निरुत्साहित कएल जाए । किएक त, ई दुटा उपक्रम सीमित जाति केँ मात्र छैक, तेँ एही ‘ट्याग’ के समग्र मिथिला आ मैथिलीभाषी के थिकैह सेँ प्रचार बन्द होए ।

२.मिथिला आ मैथिली साहित्य मेँ कथित उच्च जाति केँ मात्र स्तुतिगानक चर्चा बन्द होए । आन जाति केँ एही क्षेत्र मेँ वर्षौ सँ भँ रहल अछूत व्यवहारक निषेध होए ।

३.कोनो भी भाषा आ साहित्य मेँ समालोचना(क्रिटिसिज्म) अनिवार्य होएत छैक । मैथिली मात्र ऐहन भाषा अछि जएमें गणेश परिक्रमा आ व्यक्तिवादी चालिसा हाबी छैक, एकर अन्त्य करबाक प्रयास विशुद्ध रुप सँ आ जातिपाति सँ उपर उठि केँ कएल जाए ।

४.मैथिली भाषा केँ नामपर होमे बला नियुक्ति, सुविधा, पुरस्कार आ लाभ पद कें लेले कथित उच्च जाति कें आलाबा आन लोक केँ सेहो बाट क्लियर कएल जाए ।

५.मिथिला आ मैथिली मेँ बहुत रास विकृति आ विसंगि कें बढाबा दएनिहार लोकनि केँ सभ सँ पहिने  दण्डित कएल जाय या आममाफी मांगबाक लेल बाध्य कएल जाए ।

६.एकैहटा सीमित जाति केँ भेष, भुषा, संस्कृति आ रहनसहन केँ बेसी सँ बेसी भँ रहल प्रचार कें तत्काल बन्द कएल जाए ।

७.मिथिला क्षेत्रक महान विभूति सभ केँ पहिचान करैत हुनका लोकनि के द्वारा अतित मेँ मैथिली भाषा में देल गेल योगदानक चर्चा आ बहस कोनो भी संकिर्णता सँ उपर उठि केँ होए । संगैह हुनका सभहक बारे में वृहत अनुशन्धान करबाक मार्ग प्रशस्त कएल जाए ।

१०.मिथिला क्षेत्र कें लोकगाथा, लोकबाजा, लोकसंस्कृति, लोकदेवता, लोकनृत्य आदि केँ संरक्षणक लेल एकटा पैघ अभियान आ अनुशन्धान जरुरी छैक, एही दिस सभ गोटा केँ ध्यानाकर्षण होए ।

११.प्राचिनकालक ग्रन्थ पोथी सभ में उल्लेख कएल गेल विरोधाभासपूर्ण सामग्री केँ संशोधन करएत मिथिला क्षेत्र केँ सम्पूर्ण भाषाभाषी कें अभिमत लँ के एकटा अधिकार सम्पन्न आयोग बनौत, जहीँ में सम्झए के लेल योग्य सामग्री सहितक मार्ग निर्देशन तयार होए ।

१२.मैथिली केँ बहुत रास भाषिका दुलर्भ भँ गेल अछि, ओकर फेर सँ खोजी करैत सर्वमान्य भाषिक दस्ताबेज तयार कएल जाए ।

उपर देल गेल हमर किछु सुझाब मात्र अए, एहीं में सुधारक गुन्जाईस सेहो छैक । तेँ विद्वान मित्र लोकनि कें एहीँ मेँ बृहत छलफल केँ लेल आमन्त्रित कए रहल छि । आ एहीँ संँ एकटा ठोस निस्कर्ष निकलए से अपेक्षा अछि । धन्यवाद । 

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