Monday, 17 August 2026

हँसबाक बहाना खोजी (HANSBAAK BAHANA KHOJI)

मैथिली गीत
■दिनेश यादव
चलू हँसबाक कोनो,
आब बहाना खोजी,
कतहु दुःख नहि होए,
से ठिकाना खोजी ।
बहुत उड़लौंह अकास में,
पंख पसारि कए,
आब माटि कए चूमी,
मन कए संवारि कए ।
अपन धरती सँ जुड़ल,
कोनो जमाना खोजी,
कतहु दुःख नहि होए,
से ठिकाना खोजी ।
चलू हँसबाक कोनो,
आब बहाना खोजी,
चलू हँसबाक कोनो,
आब बहाना खोजी ।
कतहु दुःख नहि होए,
से ठिकाना खोजी,
कतहु दुःख नहि होए,
से ठिकाना खोजी ।
जिंदगीक अहि रण में,
कतेको संग छुटल,
कतेको हँसैत चेहरा,
अपनहि सँ रुठल ।
कतेको के टुटल मोन,
जोड़बाक बहाना खोजी,
कतहु दुःख नहि होए,
से ठिकाना खोजी ।
बीत गेल कते राति,
अनहारक साया में,
भटकैत रहलौंह मुदा,
मायाक काया में ।
आब अन्हरिया रातिक,
नव बिहान खोजी,
कतहु दुःख नहि होए,
से ठिकाना खोजी ।
चलू हँसबाक कोनो,
आब बहाना खोजी,
चलू हँसबाक कोनो,
आब बहाना खोजी ।
कतहु दुःख नहि होए,
से ठिकाना खोजी,
कतहु दुःख नहि होए,
से ठिकाना खोजी ।

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