Monday, 12 January 2015

स्वतन्त्रता बहुत लोगो की चाहत है : बैज्ञानिक सिके राउत

Sadak ma Yuba In Madhesh
युवा, विद्यार्थी, बुद्धिजीवि, नागरिक समाजहरुले खचाखच भरिएको त्रिविको गणित विभागमा मधेसी विद्यार्थीहरुले २०७१ पुस २६ गते आयोजना गरेको साढे तीन घन्टा लामो कार्यक्रममा सिके राउतलाई सुनेका छन् । उनले हिन्दीमा गरेको आफ्नो सम्बोधन निम्म लिखित बिचारहरू राखेका थिए :
  • नेपाल में स्वतन्त्रता बहुत लोगो की चाहत है, परन्तु शासक के डर से वह खुलकर नही आ रहे हैं । 
  • शिक्षक कोने भारत में सिकन्दर को भी भारत से भगा दिया, इसिलिए शिक्षक जब उठेगें तो वह अपने शासक वर्गो को खडेर सकते है । 
  • जोगी बने या नेता, चोला परिवर्तन करे या नङ्गा बने, पहिचान इन सभी के लिए अनिवार्य हैं । 
  • मधेस एक प्राचिन राष्ट्र हैं, मनुस्मृति और बौद्ध ग्रन्थ (विनय पिटक) मे भी मधेस के सीमाना की तथ्य उल्लेख है । 
  • इतिहास गवाह है, पृथ्वी नारायण शाह को मधेसीयों ने ही जीवन दान दिया था, मधेसी ने उनसे कभी जीवन दान नही मागा । 
  • पहाडी लोग गरीब थे, वह कम्बल लेकर मधेस आते÷जाते थे ।
  • सेना नही तो शासन नहीं , मधेसी को स्वायत्तता सहित के प्रदेश देने पर भी सेना अभाव मे वह नही चल सकता । 
  • मधेस मे पहाडी लोग औपनिवेशिक शासन लाध्ने के लिए गया हैं, भारत मे बेलायत के औपनिवेशिक काल मे अंग्रेज सेना ३ प्रतिशत थे, बांकी भारतीय ही थे । मधेस मे ९५ प्रतिशत सेना उन्ही लोगो का है ।
  • मधेस मे माइग्रेसन नही कोलनीगेसन किया गया हैं । इसिलिए तो ५० वर्ष में मधेस की आवादी ६ प्रतिशत से बढकर ३५ प्रतिशत तक पहुंचा है । माइग्रेसन तो बाइ–लेटरल होती है ।
  • मधेस से ७६ प्रतिशत राजश्व आता है, ५९ प्रतिशत जीपीटी है, परन्तु २५ वर्षो से हुलाकी सडक नही बन पाया हैं, ज्यों का त्यों हालत मे हैं । बजेट जितना पहाड के विकास मे लगाया जाता हैं । 
  • २०१५ साल तक नेपाल आने के लिए मधेसी को भिसा लेनी पडती थी, यस भी सावित करता है कि मधेस एक राष्ट्र हैं । 
  • भारत मे ब्रिटिश औपनिवेश मे भारतीय को जागिर मिलती थी , परन्तु यहा“ के औपनिवेश मे मधेसी को नोकरी मे नही रखा जाता हैं । 
  • मधेस मे न्युट्रल सैनिक नही है, इसिलिए तत्काल सशस्त्र आन्दोलन करना क्षति की बात होगी । 
  • मधेसी सम्पन्न हैं, लेकिन हात बन्धे है, इसिलिए वह अपने अधिकार से बञ्चित हैं । 
  • मधेसी सेना नही हैं, इसिलिए मधेसी को संघियता दे देने से औपनिवेश का अन्त नही हो सकता । फिर संघियता मे सुरक्षा , विदेश और मुद्रा नीति केन्द्र मे रहता है । 
  • ५० वर्ष मे हजारौं मधेसी लोक भूमिहिन हुए है । इसका प्रमुख कारण औपनिवेश ही हैं । 

CK Raut Ka supporters

Rajbiraj Saptari ma CK Raut Ka Supporter
Clash in Madhesh



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