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| Sadak ma Yuba In Madhesh |
युवा, विद्यार्थी, बुद्धिजीवि, नागरिक समाजहरुले खचाखच भरिएको त्रिविको गणित विभागमा मधेसी विद्यार्थीहरुले २०७१ पुस २६ गते आयोजना गरेको साढे तीन घन्टा लामो कार्यक्रममा सिके राउतलाई सुनेका छन् । उनले हिन्दीमा गरेको आफ्नो सम्बोधन निम्म लिखित बिचारहरू राखेका थिए :
- नेपाल में स्वतन्त्रता बहुत लोगो की चाहत है, परन्तु शासक के डर से वह खुलकर नही आ रहे हैं ।
- शिक्षक कोने भारत में सिकन्दर को भी भारत से भगा दिया, इसिलिए शिक्षक जब उठेगें तो वह अपने शासक वर्गो को खडेर सकते है ।
- जोगी बने या नेता, चोला परिवर्तन करे या नङ्गा बने, पहिचान इन सभी के लिए अनिवार्य हैं ।
- मधेस एक प्राचिन राष्ट्र हैं, मनुस्मृति और बौद्ध ग्रन्थ (विनय पिटक) मे भी मधेस के सीमाना की तथ्य उल्लेख है ।
- इतिहास गवाह है, पृथ्वी नारायण शाह को मधेसीयों ने ही जीवन दान दिया था, मधेसी ने उनसे कभी जीवन दान नही मागा ।
- पहाडी लोग गरीब थे, वह कम्बल लेकर मधेस आते÷जाते थे ।
- सेना नही तो शासन नहीं , मधेसी को स्वायत्तता सहित के प्रदेश देने पर भी सेना अभाव मे वह नही चल सकता ।
- मधेस मे पहाडी लोग औपनिवेशिक शासन लाध्ने के लिए गया हैं, भारत मे बेलायत के औपनिवेशिक काल मे अंग्रेज सेना ३ प्रतिशत थे, बांकी भारतीय ही थे । मधेस मे ९५ प्रतिशत सेना उन्ही लोगो का है ।
- मधेस मे माइग्रेसन नही कोलनीगेसन किया गया हैं । इसिलिए तो ५० वर्ष में मधेस की आवादी ६ प्रतिशत से बढकर ३५ प्रतिशत तक पहुंचा है । माइग्रेसन तो बाइ–लेटरल होती है ।
- मधेस से ७६ प्रतिशत राजश्व आता है, ५९ प्रतिशत जीपीटी है, परन्तु २५ वर्षो से हुलाकी सडक नही बन पाया हैं, ज्यों का त्यों हालत मे हैं । बजेट जितना पहाड के विकास मे लगाया जाता हैं ।
- २०१५ साल तक नेपाल आने के लिए मधेसी को भिसा लेनी पडती थी, यस भी सावित करता है कि मधेस एक राष्ट्र हैं ।
- भारत मे ब्रिटिश औपनिवेश मे भारतीय को जागिर मिलती थी , परन्तु यहा“ के औपनिवेश मे मधेसी को नोकरी मे नही रखा जाता हैं ।
- मधेस मे न्युट्रल सैनिक नही है, इसिलिए तत्काल सशस्त्र आन्दोलन करना क्षति की बात होगी ।
- मधेसी सम्पन्न हैं, लेकिन हात बन्धे है, इसिलिए वह अपने अधिकार से बञ्चित हैं ।
- मधेसी सेना नही हैं, इसिलिए मधेसी को संघियता दे देने से औपनिवेश का अन्त नही हो सकता । फिर संघियता मे सुरक्षा , विदेश और मुद्रा नीति केन्द्र मे रहता है ।
- ५० वर्ष मे हजारौं मधेसी लोक भूमिहिन हुए है । इसका प्रमुख कारण औपनिवेश ही हैं ।
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| CK Raut Ka supporters |
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| Rajbiraj Saptari ma CK Raut Ka Supporter |
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| Clash in Madhesh |
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